Iṅjeel

किसकी दुआ क़ुबूल हुई (इंजील : लुक़ास 18:9-17)

बिस्मिल्लाह-हिर-रहमानिर-रहीम

किसकी दुआ क़ुबूल हुई

इंजील : लुक़ास 18:9-17

ईसा(अ.स) ने ये वाक़या उन लोगों को सुनाया जो अपनी बड़ाई करते थे और दूसरों को नीचा समझते थे:(9)

सबसे बेहतरीन और पाक इबादत (इंजील : याक़ूब 1:1-27)

बिस्मिल्लाह-हिर-रहमानिर-रहीम

सबसे बेहतरीन और पाक इबादत

इंजील : याक़ूब 1:1-27

जनाब याक़ूब ने, जो अल्लाह रब्बुल अज़ीम और ईसा(अ.स) के ख़िदमतगार थे, पूरी दुनिया में फैले हुए अल्लाह के बन्दों को सलाम कहा।(1) और कहा:

कभी ना ख़त्म होने वाली ज़िंदगी (इंजील : लुक़ास 18:18-27)

बिस्मिल्लाह-हिर-रहमानिर-रहीम

कभी ना ख़त्म होने वाली ज़िंदगी

इंजील : लुक़ास 18:18-27

एक इब्रानी रहनुमा ने ईसा(अ.स) से पूछा, “मेरे अच्छे उस्ताद, मैं ऐसा क्या करूँ कि मुझे कभी ना ख़त्म होने वाले ज़िंदगी हासिल हो?”(18)

अच्छी फ़सल का ईनाम (इंजील : यूहन्ना 15:1-17)

बिस्मिल्लाह-हिर-रहमानिर-रहीम

अच्छी फ़सल का ईनाम

इंजील : यूहन्ना 15:1-17

[ईसा(अ.स) ने अपने शागिर्दों के साथ आख़िरी दावत के वक़्त उनसे कहा:]

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